उच्च शिक्षा मंत्री के आतिथ्य में पं.मालवीय की प्रतिमा का अनावरण एवं नवनिर्मित छात्रावास भवन का हुआ लोकार्पण
उज्जैन। शनिवार को विक्रम कीर्ति मन्दिर में विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन द्वारा नवनिर्मित छात्रावास एवं सांख्यिकी अध्ययनशाला विस्तार भवन का लोकार्पण एवं भारतरत्न महामना पं. मदनमोहन मालवीय की प्रतिमा का अनावरण किया। सालों से महामना की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर विभिन्न संगठनों व ब्राह्मण समाज द्वारा मांग की जा रही थी जो अब जाकर पूरी हो सकी है।
बतौर मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पं. मदनमोहन मालवीय समग्र समाज को शिक्षित करने की सोच रखते थे। उनका लगाव मालवा धरती से भी अधिक प्रेम था। अपने उद्बोधन में पं.मदनमोहन मालवीय के जीवन संघर्ष के बारे में विस्तार से जानकारी दी। ऐसे महापुरूष के आदर्शों पर चलना चाहिये। उनके द्वारा किये गये कार्यों को हमेशा याद रखा जायेगा। उन्होंने घोषणा की कि नवनिर्मित छात्रावास भवन का नामकरण शिक्षाविद श्री शालीग्राम तोमर के नाम से रखा जायेगा। उन्होंने इस सम्बन्ध में विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव को नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। कार्यक्रम की अध्यक्षता विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.अखिलेश कुमार पांडेय ने की। कार्यक्रम का प्रारम्भ कुलगान से हुआ। तत्पश्चात अतिथियों ने मां वाग्देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलन किया। स्वागत उद्बोधन कुलसचिव डॉ.प्रशांत पौराणिक ने दिया और कहा कि भारत रत्न महामना पं.मदनमोहन मालवीय की प्रतिमा लगभग 68 हजार रुपये की लागत से निर्मित हुई है। यह मूर्ति विक्रम विश्वविद्यालय के मानविकी भवन के समक्ष स्थापित की जायेगी।
7.50 करोड़ की लगत से बना छात्रावास
विश्वविद्यालय परिसर में लगभग साढ़े सात करोड़ की लागत से छात्रावास भवन का निर्माण किया गया है। इस दो मंजिला छात्रावास में 125 कक्ष, दो किचन, दो मेस, दो वार्डन कक्ष, दो स्टोर रूम एवं मनोरंजन कक्ष का निर्माण किया गया है। इसी तरह सांख्यिकी अध्ययनशाला का नवनिर्मित विस्तार भवन भी दो मंजिला है। इसकी लागत लगभग 76 लाख रुपये है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो.अखिलेश कुमार पाण्डेय ने की और इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.मोहन यादव के अथक प्रयासों से छात्रावास भवन एवं सांख्यिकी अध्ययनशाला विस्तार भवन का निर्माण हुआ है। यह हम सबके लिये प्रशंसनीय है। विक्रम विश्वविद्यालय में निरन्तर विकास के साथ-साथ नित नये कोर्स खुले हैं, जिससे इस शिक्षण सत्र में 3800 से अधिक विद्यार्थियों ने विभिन्न कोर्सों में प्रवेश लिया है, जो उल्लेखनीय है। कार्यक्रम में जबलपुर एवं उज्जैन विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ.रामराजेश मिश्र, विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य, प्रोफेसर, छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक आदि उपस्थित थे।



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