August 6, 2026

उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर विस्तारीकरण कार्य के चलते मंदिर के सामने के 11 भवनों की तुड़ाई का काम गुरुवार से शुरू हो गया। यहां के किरायेदार व दुकानदारों के विरोध के बीच प्रशासन ने पूर्व में दिए अल्टीमेटम अनुसार जेसीबी चलाना शुरु कर दी। इन भवनों में सालों से किराएदार के रूप में दुकान संचालित कर रहे लोग इस कार्रवाई से नाराज दिखे तो प्रशासन ने तर्क दिया कि भवन स्वामियों को नियमानुसार मुआवजा दे चुके हैं। मंदिर के विकास में सभी का सहयोग जरूरी है।

मंदिर के सामने चौड़ीकरण होने के बाद रास्ता काफी खुला खुला हो जाएगा।
मंदिर के सामने के भवनों की तुड़ाई का कार्य करती जेसीबी।

गुरुवार सुबह भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में नगर निगम अमले ने भवनों को तोड़ने का काम शुरू किया इसके पहले 2 दिन से यहां दुकान संचालित करने वाले लोग अपना सामान खाली कर चुके थे। प्रशासन की इस कार्रवाई के बीच कई लोगों ने विरोध की तख्तियां भी दिखाई और कार्रवाई ना हो इसके लिए हर संभव प्रयास किया। लेकिन जिला कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देशन में प्रस्तावित कार्रवाई को अंजाम दिया गया। मंदिर के सामने के 11 भवनों के हटने के बाद परिसर का विस्तारीकरण होगा जिससे श्रद्धालुओं के आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी।

अगले चरण में 70 मीटर के भवन दायरे में

महाकालेश्वर मंदिर विस्तारीकरण कार्य के अगले चरण में मंदिर के सामने स्थित 70 मीटर के दायरे में आने वाले भवनों को हटाने की कार्रवाई होगी। प्रशासन ने इसके लिए भवनों का सर्वे करा लिया है और निशान भी लग चुके हैं। कलेक्टर आशीष सिंह के अनुसार उक्त भवनों के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है सभी भवन स्वामियों को मिलाकर करीब ₹98 करोड़ रूपये का मुआवजा दिया जाएगा।