उज्जैन। शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी महाअष्टमी पर बुधवार सुबह चोबीस खंबा स्थित महालया एवं महामाया माता मंदिर पर कलेक्टर आशीष सिंह ने माताजी को मदिरा का भोग लगाया। इसके बाद नगर पूजा आरंभ हुई जिसमें एक हांडी में मदिरा भरकर 27 किलोमीटर की धारा बहाते हुए शासकीय कोटवारों व अन्य कर्मचारियों ने यात्रा पूरी की। मार्ग में आने वाले विभिन्न देवी मंदिरों में पूजन सामग्री व मदिरा भेंट करते हुए यह यात्रा अंकपात मार्ग स्थित हांडी भैरव जाकर समाप्त हुई। उल्लेखनीय है कि महाअष्टमी पर शासकीय पूजन का विशेष महत्व होता है। राजा विक्रमादित्य द्वारा प्रजा की सुख समृद्धि के लिए की जाती थी यह नगर पूजा की जाती थी। उसी परंपरा का निर्वाहन अब कलेक्टर व जिला प्रशासन की ओर से हर वर्ष महाष्टमी पर किया जाता है। पूजन दौरान पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र कुमार शुक्ला भी मौजूद रहे। पुजारियों ने जयकारों के साथ मदिरा का भोग अर्पण करवाया।
बच्चों को भी बूंद में दिया प्रसाद
नगर पूजा के उपरांत मौजूद श्रद्धालुओं ने अपने छोटे बच्चों को भी कुछ बूंदों में मदिरा (पानी युक्त) का प्रसाद दिया। मान्यता है कि बच्चों को यह प्रसाद देने से वह बीमार नहीं होते और किसी भी तरह के अन्य प्रकोप से बचे रहते हैं। उज्जैन में अपने आप की यह अनूठी परंपरा है।


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