स्थानीय अखाड़ा परिषद की बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा,
लैंड पूलिंग को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के बाद भी विरोध समझ से परे।
उज्जैन। सिंहस्थ महाकुंभ 2028 में अब बहुत कम समय बचा है। ऐसे में मेला क्षेत्र में सड़क ड्रेनेज वह बिजली संबंधित कार्यों की शुरुआत अभी से होना चाहिए। 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है ऐसे में अधोसंरचनागत काम अभी से शुरू हो। रही बात लैंड पूलिंग योजना की तो प्रशासन ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है कि किसानों के लिखित सहमति बगैर कोई जमीन अधिग्रहित नहीं की जाएगी। केवल जिन क्षेत्रों में अत्यधिक दबाव रहता है वहां रोड व ड्रेनेज के काम किये जाना है। इसमें जो भी भूमि स्वामी है उनको शासन प्रशासन का सहयोग करना चाहिए क्योंकि सनातन का यह महाकुंभ दिव्य, अलौकिक व भव्य बने यह हम सब की जिम्मेदारी है।
किसानों की आड़ में जो लोग राजनीति कर रहे हैं वह इसे बंद करें एवं करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से ना खेलें।
कुछ ऐसी ही चर्चा और व्यक्तव्य स्थानीय अखाड़ा परिषद कि शनिवार को पंचायती अखाड़ा निरंजनी में आयोजित बैठक में संतों ने रखी। मेला पर्व को लेकर जो भी अधोसंरचनागत, मार्ग चौड़ीकरण के कार्य चल रहे हैं उन्हें भी समय से पूरा कराए जाने की बात संतो ने कही। बैठक उपरांत संतों ने कृषकों से भी अपील है कि वें संगठन विशेष के बहकावे में ना आए और भ्रांतियां से दूर रहकर कुंभ मेला में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाए। यदि मेला क्षेत्र में काम समय से पूर्ण नहीं हो पाए तो साधु संतों के साथ ही करोड़ आम श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। बेटा के बाद कलेक्टर रोशन कुमार सिंह भी संतों से चर्चा के लिए पहुंचे। यहाँ सभी संतो ने एक सुरु में मेला क्षेत्र में स्थाई प्रकृति के निर्माण जल्द शुरू कराए जाने को लेकर उन्हें पत्र भी सौंपा। साथ ही कहा कि समय बहुत काम बचा है हम सभी साधु समाज शासन प्रशासन के साथ है और इस कुंभ को दिव्य और भव्य बनाने के लिए संकल्पित है।श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी में आयोजित स्थानीय संतो की बैठक स्थानीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत डॉ. रामेश्वर दास महाराज कि अध्यक्षता में संपन्न हुई। जिसमें श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतर्राष्ट्रीय सचिव श्रीमंहत रामेश्वर गिरी महाराज, दत्त अखाड़े से श्री महंत आनंदपुरी महाराज ,दिगंबर अखाड़े के महंत रामचंद्र दास महाराज, निर्वाणी अखाड़े के महंत दिग्विजय दास महाराज, निर्मोही अखाड़े के महंत महेश दास महाराज, भगवान दास महाराज, दिग्विजय दास महाराज बड़ा राम मंदिर अटल अखाड़े के महंत प्रेम गिरि महाराज, महानिर्वाणी अखाड़ा के महंत मुकुंदपुरी महाराज, आनंद अखाड़ा के महंत समुद्र गिरी महाराज, निरंजनी अखाड़ा के महंत सुरेशआनंदपुरी महाराज, निर्मल आखड़ा श्री गुरु नानक घाट के प्रबंधक सरपंच जी महाराज, अग्नि अखाड़े के महंत कृष्णानंद ब्रह्मचारी महाराज, आव्हान अखाड़े के महंत सेवान्दन गिरी महाराज सहित सभी अखाड़ों के प्रमुख पदाधिकारी एवं भर्तृहरि गुफा के प्रतिनिधि महंत महा
वीर नाथ, महंत विशाल दास महाराज, महंत देवगिरी महाराज सहित अन्य संत महंत मौजूद थे।


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